दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना

उद्देश्य देश के बेरोजगार युवाओं को अपनी युवा शक्ति का सदुपयोग करना है जिसके जरिए युवाओं को उनके मनपसंद कौशल में ट्रेनिंग दी जाती है  

जब उनकी ट्रेनिंग पूरी हो जाती है और वह अपने काम में निपुण हो जाते हैं  

तो उन्हें नौकरी मुहैया कराई जाती है इसके साथ ही सरकार के द्वारा एक प्रमाण पत्र भी दिया जाता है  

इस प्रमाण पत्र से युवाओं को नौकरी मिलने में काफी आसानी होती है।  

इसके बाद देश के युवा रोजगार युवा अपने बेरोजगारी को दूर करते हैं इसके साथ ही देश की तरक्की भी होती है। 

इस योजना का खास उद्देश्य कम पढ़े लिखे बेरोजगार युवा को ट्रेनिंग देकर इस लायक बनाना कि वह अपने पैरों पर खड़े हो सकें 

सकें और अपनी बेरोजगारी दूर करने के अलावा देश की तरक्की में योगदान दे सकें।  

इस योजना का मुख्य उद्देश्य खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में वह युवा बेरोजगार जो अपने जीवन से निराश हो चुके हैं उन्हें प्रोत्साहित करना है। 

– Pandit Dindayal Yojana के अंतर्गत ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को अलग-अलग किस्म के कामों की ट्रेनिंग दी जाएगी।